परिसर तथा स्थिति
    रा. ल. शा. शिक्षा संस्थान का परिसर शक्तिनगर के नाम से जाना जाता है। यह मेला रोड पर है जो कि रेसकार्स रोड के नाम से जानी जाती थी । जो की ग्वालियर रेल्वे स्टेशन से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है तथा ग्वालियर, आगरा-मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग पर है। यहा से दिल्ली तथा मुम्बई के लिये लगातार उड़ान उपलब्ध है। रा. ल. शा. शि. संस्थान का परिसर लगभग 153 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है। जो की पूरी तरह से आवासीय है।

    इसमें आवासीय इमारत के अलावा मुख्य भवन, शिक्षण कक्ष, ग्रंथालय, प्रयोगशालायें, अनुसंधान कक्ष, सभागार, प्रशासनिक विभाग, खेलकूद परिसर, व्यायाम शाला, तैराकी, छात्रवास, छात्रावास, एक विद्यार्थी भोजनालय, स्वास्थ्य केन्द्र इत्यादि यह सब एक ही परिसर में स्थित है।

खेलकूद परिसर
    यह एक ऐसा संस्थान है जिसमे खुला तथा बहुत अच्छा मैदान है जो की बाहरी खेलो के लिये है। इसके अंदर 25 मीटर का एक अंतरकक्षीय तरूण पुष्कर है। जिसमें एक यथार्थ छनित्र तथा चक्रिय संयंत्र लगा है। साथ ही साथ दराज / लाकर और स्नानगार कक्ष स्थित है जो इसके अंतरकक्षीय व्यायाम कक्ष में स्थित है-

    जिम्नेजियम हाल (2) रेस्टिंग हाल (1) वेट ट्रेनिंग रूम (2) टेस्ट एण्ड मेजरमेन्ट लेब
छात्रवास / छात्रावास

    इस संस्थान में 5 छात्रवास तथा 1 छात्रावास है। सभी विद्यार्थीयों के लिये यह अनिवार्य है कि वह संस्थान के छात्र / छात्रावास में निवास करें तथा अपना भोजन, भोजनालय में करें। जो कि संस्थान द्वारा चलाया जाता है। वर्तमान में बी. पी. ई., एम. पी. ई. तथा एम. फिल के जिन विद्यार्थीयों का आचरण संस्था में संतोषजनक होता हैं उन्हें निःशुल्क छात्र/छात्रावास प्रदान किया जाता है। साथ ही जिन विद्यार्थीयों का आचरण असंतोषजनक होता है उन्हें संस्था के निर्देशानुसार पुरे सत्र के लिये अथवा कुछ महीनों के लिये छात्र/छात्रावास शुल्क देना पडता है। सभी विद्यार्थी के लिये अत्यंत आवश्यक है की वह छात्र/छात्रावास में ही निवास करें। तथा अपना भोजन संस्थान के भोजनालय में ही करें। नये विद्यार्थीयों को छात्र/छात्रावास में रहने तथा भोजनालय में भोजन करने के नियम बता दिये जाते है।

    रैंगिग महाविद्यालय में प्रतिबंधित है। जो विद्यार्थी रैगिग में लिप्त या आरोपी पाया जाता है, उसे संस्थान से बाहर निकाल दिया जाता है।

स्वास्थ्य केन्द्र
    किसी तरह की चोट लगने पर या बीमारी की स्थिति में संस्थान के स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा बहुत ही साधारण शुल्क पर चिकित्सा सेवा प्रदान की जाती है। जो की संस्थान के चिकित्सक की देखरेख में होती है। फिजियोथैरेपी द्वारा भी यहा उपचार किया जाता है। आपातकालीन स्थिति में विद्यार्थीयों को उपचार के लिये सरकारी अस्पताल में पहुचा दिया जाता है। इस तरह कि स्थिति में विद्यार्थियों को उसके इलाज का खर्च स्वयं उठाना पडता है।

    आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा अधिकारी या वार्डन को अधिकार दिया जाता है कि वे माता पिता की अनुपस्थिति में चिकित्सा सेंवा की औपचारिकता को पूरा कर सके।

    सभी विद्यार्थियों को जरूरी है कि वे संस्थान के द्वारा स्वास्थ्य तथा चिकित्सा सेवाओं के लिये बनाये गये नियमों का पालन करें।