विभाग/ केंद्र

संस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षण, व्यायाम दैहिकी, खेल मनोविज्ञान, खेल जैवयांत्रिकी, स्वास्थ्य विज्ञान और दक्षता जैसी विशेषज्ञता में शारीरिक शिक्षा में स्नारतकोत्तसर पाठ्यक्रम कार्यक्रम संचालित करता है।
यह कार्यक्रम निम्नलिखित विभागों द्वारा चलाए जा रहे हैं:

1. खेल जैवयांत्रिकी विभाग
विभाग मानवीय गतिविधियों एवं खेल तकनीक के विश्लेषण के क्षेत्र में छात्रों की आवश्यकताओं को पूरा करता है। विभाग खेल जैवयांत्रिकी और खेल के किसी एक विषय में विशेषज्ञता वाले दो वर्षीय (4-सेमेस्टर) शारीरिक शिक्षा में स्नावतकोत्तयर उपाधि पाठ्यक्रम का संचालन करता है। इसके साथ ही अन्य संबद्ध क्षेत्रों और शोध पद्धतियों को भी इसकी विषयवस्तु में शामिल किया गया है। इसमें खेल तकनीक के विज्ञान एवं इसके व्यवहारिक प्रयोग के क्षेत्र में गहन अध्ययन पर जोर दिया गया है। स्नातक उपाधि प्राप्त छात्र मानव की गतिविधियों में दक्षता का विश्लेषण एवं खेल तकनीक के क्षेत्र में वैज्ञानिक तौर पर समर्थन प्रदान करने में योग्य होंगे।

2. व्यायाम दैहिकी विभाग
व्यायाम दैहिकी, व्यायाम और अधिभार से संबंधित जैविक एवं जैव रासायनिक प्रक्रियाओं का अध्ययन है, जो मानव शरीर में कोशिकाओं और अंगों के कार्यों को प्रभावित करता है। व्यायाम दैहिकी एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें बहुत तेज़ी से विकास हो रहा है एवं जो स्वास्थ्य सेवाएँ/ देखभाल एवं खिलाडियों को स्वास्थ्य सम्बजन्धीा सेवाएँ प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण होता जा रहा है। व्यायाम दैहिकी प्रतिभागियों की पुरानी बीमारी को रोकने या उसे विलंबित करने एवं ज्ञात रोग के लिए चिकित्सीय या कार्यात्मक लाभ प्रदान करने के लिए कार्य करता है।
व्यायाम दैहिकी में प्रशिक्षित वैज्ञानिकों ने शोध के माध्यम से कोशिका के कार्य को प्रभावित करने में व्यायाम की भूमिका की समझ को बढ़ा दिया है। व्यायाम दैहिकी के क्षेत्र में हो रहे बढ़ते अनुसंधान ने विविध प्रकार के व्यायामों पर आधारित उपचार, पुनर्वास तथा खिलाडियों के प्रशिक्षण में सुधार लाने के लिए एक नींव का काम किया है। इस क्षेत्र के अंतर्गत हृदय तथा रक्तवाहिकाओं संबंधी, मधुमेह, बुढ़ापा, मोटापा, खेल और महिला की भागीदारी, एक्स्ट्रीम स्पोर्ट के शारीरिक पहलू, अप्रचार शोष और अन्य बीमारियाँ भी शामिल हैं।

दक्षता, कल्याण, दैहिकी एवं व्यायाम दैहिकी के परिप्रेक्ष्य में उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन जैसी खिलाडियों और सामान्य जनता की ज़रूरतों की पूर्ति के लिए व्यायाम दैहिकी विभाग दो वर्ष (4-सेमेस्टर) का शारीरिक शिक्षा में स्नादतकोत्तदर पाठ्यक्रम (एम.पी.एड.) चलाता है।

इस विभाग का लक्ष्य व्यायाम दैहिकी के क्षेत्र में विशेषज्ञता के साथ स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को तैयार करना है। विभाग का उद्धेश्यश उचित शारीरिक गतिविधि और जीवन शैली के उपयोग के माध्यभम से स्वारस्य् ज और जीवन की गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तारों पर योग्य् पेशेवरों का निर्माण करना है।

3. स्वास्थ्य विज्ञान एवं दक्षता विभाग
विभाग दो वर्षीय (4-सेमेस्टर) शारीरिक शिक्षा में स्नाातकोत्त र पाठ्यक्रम (एम.पी.एड.), योग में दो वर्ष की (4-सेमेस्टर) स्नावतकोत्त र उपाधि, वैकल्पिक चिकित्सा के साथ योग में 01 वर्ष का स्नातकोत्तर डिप्लोमा एवं दक्षता प्रबंधन में 01 वर्ष का स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम का संचालन करता है। यह विभाग छात्रों एवं कर्मचारियों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का भी ख्याल रखता है। विभाग का लक्ष्यथ विभिन्न पाठ्यक्रमों के माध्यम से पूर्ण स्वास्थ्य एवं दक्षता के लिए अतःविषयक दृष्टिकोण अपनाना, स्वास्थ्य और दक्षता से संबंधित ज्ञान और प्रवीणता का प्रसार करना है। इसका उद्देश्य शारीरिक शिक्षा के पेशेवरों और अन्य स्नातक के छात्रों का स्वास्थ्यी के बहुआयामी क्षेत्र में रुझान पैदा करना है जिससे उन्हें स्वस्थ जीवनशैली और दक्षता के प्रति सचेत रहने वाले समाज में व्यवसाय और रोज़गार के अवसर प्रदान किये जा सकें।

4. खेल मनोविज्ञान विभाग
विभाग 2 वर्ष के (4-सेमेस्टर) के शारीरिक शिक्षा में स्नानतकोत्तसर पाठ्यक्रम (एम.पी.एड) संचालन के माध्यम से खेल मनोविज्ञान विषय का परिचय देता है जिससे वह इस विषय की गत्यात्मकता एवं खेल और व्यायाम के क्षेत्र में इसकी भूमिका को समझ सकें।
खेल मनोविज्ञान खेल और व्यायाम संबंधी गतिविधियों में लोगों और उनके व्यवहार का वैज्ञानिक अध्ययन है। खेल मनोविज्ञान के अध्ययन का उद्देश्य इससे प्राप्त ज्ञान का व्यवहारिक प्रयोग करने में सक्षम होना है। खेल मनोविज्ञान का क्षेत्र दो प्रमुख उद्देश्य को प्राप्त करना है- 1) शारीरिक प्रदर्शन पर मनोवैज्ञानिक कारकों के प्रभाव को समझना। 2) मनोवैज्ञानिक विकास, स्वास्थ्य एवं सेहत पर शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने के प्रभाव को समझना। वास्तविक जीवन में इस समझ को लागू करना ही खेल मनोविज्ञान का सार है। इसके पाठ्यक्रम में खेल एवं व्यायाम मनोविज्ञान के इतिहास, विकास (अंतर्राष्ट्रीय से राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य) एवं सैद्धांतिक विषय विस्तृत रूप में शामिल किये गए हैं। खेल मनोविज्ञान के उच्च अध्ययन कार्यक्रम में अनुसंधान के माध्यम से अर्जित किये गए ज्ञान को लागू करने पर जोर दिया गया है।

5. शारीरिक शिक्षा अध्यापन विभाग
शारीरिक शिक्षा अध्यापन विभाग शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में अपने संकाय की योग्यता, प्रतिबद्धता, नवाचार, समकालीन पाठ्यक्रम, शिक्षण प्रक्रिया एवं प्रोद्यौगिकी में सुधार कर उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है।
शारीरिक शिक्षा अध्यापन विभाग का लक्ष्य अनुसंधान एवं विद्वत जांच, गुणवान पेशेवर तैयार करना, स्वास्थ्य, शारीरिक शिक्षा एवं मनोरंजन सेवाओं के प्रावधान उपलब्ध कराना है। हम खोज, अधिगम एवं भागीदारी हेतु आजीवन अवसर प्रदान करते हैं जो स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में सहायक है।

6. उच्च अध्ययन केंद्र
शारीरिक शिक्षा एवं संबद्ध क्षेत्रों में अनुसंधान की बढ़ती ज़रूरतों की पूर्ति एवं शारीरिक शिक्षा और खेलों में हो रहे शोध कार्य के लिए एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करने हेतु वर्ष 2009 में इस केंद्र की स्थापना शारीरिक शिक्षा में पीएच.डी एवं एम.फिल पाठ्यक्रमों के संचालन हेतु की गई। केन्द्रे द्वारा एकीकृत एम.फिल-पी.एच.डी. एवं नियमित पी.एच.डी. पाठ्क्रयमों का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त यह केंद्र छात्रों को विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों के प्रयोग में प्रशिक्षित करता है। केन्द्र समय-समय पर शोध पद्धति और अन्य विशेष अनुसंधान कार्यशालाओं का आयोजन करता रहता है।

7. खेल प्रशिक्षण एवं प्रबंधन केंद्र
केंद्र योग्यता विकसित करने और खेल प्रशिक्षण के क्षेत्र में प्रतिभागियों के कौशल को बढ़ाने के लिए खेल प्रशिक्षण (डीएससी) में खेल प्रशिक्षण (पीजीडीएससी) और 1 वर्ष का डिप्लोमा में 1 वर्ष का स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्रदान करता है। केंद्र खेल प्रशिक्षण के क्षेत्र में अति विशिष्ट पाठ्यक्रम प्रदान करता है जो विश्वभर की नवीनतम तकनीकों और व्यवसायिक विकास पर आधारित है। इसका प्रमुख उद्देश्य विभिन्न खेलों में सूक्ष्म विशेषज्ञता के साथ उच्च कोटि के खेल प्रशिक्षकों को तैयार करना है जिससे हमारे समाज में विशेषज्ञता प्राप्त प्रशिक्षकों की लगातार बढ़ रही मांग को पूरा किया जा सके एवं भारतीय खेलों के स्तर को बढ़ाया जा सके।